गिद्ध कर रहे लाशों की रखवाली
गिद्ध कर रहे लाशों की रखवाली हैं, देख भाई रामराज्य में आई महामारी हैं । नेता, अफ़सर, व्यापारी सब लगे हुए है नोचने में, चौकीदार समझ सता सौपी वो बना हुआ दरबारी हैं । सौगंध मुझे इस मिट्टी की देश नहीं बिकने दूंगा, कह कर राजा बने थे आज कर रहे दलाली हैं ।