Chunaw hai
सड़कों पर लाशों का अंबार देखा हैं,
करोना काल में देश में चुनाव देखा हैं ।
कितनी सस्ती हैं जिंदगी सरहदों पर देखा हैं,
जब भी चुनाव आया सैनिकों को शहीद होते देखा हैं ।
राष्ट्रवाद को मैंने इसी देश में हथियार बनने देखा हैं ,
जब भी चुनाव आया मौत को त्यौहार बनते देखा हैं ।
कौन कहता हैं लोग बिना आँख के बिना अंधे होते हैं,
मैंने जब भी चुनाव आया लोगो को अंधे होते देखा हैं ।
Copyright@Sankalp Mishra
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