डायन बैठी सरकार
देख डायन बैठी सरकार में,
खून पीती है,
रामलीला मैदान में,
देख डायन बैठी सरकार में.
मर्द को लील गयी,
सास को लील गयी,
अब लील रही जनता दरबार को,
देख डायन बैठी सरकार में.
जिस्म से जज्बात तक,
आनाज से औजार तक,
हत्या से हथियार तक,
सब इसके व्यापार है,
देख डायन बैठी सरकार में.
विदेशी दालाल,
जनता गुलाम,
सत्ता को रखैल बना कर,
देख डायन बैठी सरकार में
खून पीती है,
रामलीला मैदान में,
देख डायन बैठी सरकार में.
मर्द को लील गयी,
सास को लील गयी,
अब लील रही जनता दरबार को,
देख डायन बैठी सरकार में.
जिस्म से जज्बात तक,
आनाज से औजार तक,
हत्या से हथियार तक,
सब इसके व्यापार है,
देख डायन बैठी सरकार में.
विदेशी दालाल,
जनता गुलाम,
सत्ता को रखैल बना कर,
देख डायन बैठी सरकार में
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