जय जन !जय जन क्रांति !

जय जन !जय जन क्रांति !
तेरी हर पथ पर विजय हो.
ललकार के चल,गरज के चल,
भारत माँ को पुकार के चल,
लग गया है जो दीमक ,
उसको जला कर चल,
जय जन !जय जन क्रांति !
तेरी हर पथ पर विजय हो.
खुद चल,औरो का हाथ थाम कर चल,
स्वर में स्वर मिला कर चल,
पत्ता तो हिल गया है,
अब जड़ो को उखाड़ के चल,
जय जन !जय जन क्रांति !
तेरी हर पथ पर विजय हो.
घुस गए है चोर घरो में,
उनको सबक सिखा के चल,
भारत माँ के मिटटी को,
माथे से लगा के चल,
जय जन !जय जन क्रांति !
तेरी हर पथ पर विजय हो.

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