आग लग गयी है,
आग लग गयी है,
अब घी डालो,
बज गया है बिगुल,
अब अपना रक्त डालो,
सोचो मत क्या होगा,
अब कूद जाओ रण में,
और नीव हिला डालो.
बहुत सह चुचे दोस्तों,
अब और नहीं बस यही बता डालो,
आग लग गयी है,
अब घी डालो.
पत्थर होगा तो चूर होगा,
समुन्द्र होगा तो वो धूल होगा,
ये जन आंधी है,
अब हर समस्या दूर होगा.
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