औरतो की जिन्दगी बदहाल क्यों है ?

आनंद मिलता दुसरे को ,दूसरा बदहाल होता
इन औरतो की जिन्दगी ,इतनी बदहाल क्यों है ?
मैं सत्य बोलता हूँ ,मैं पागल हूँ
पूरी इल्म दुनिया में ,फरेब का राज क्यों है ?
लूट रही है जिंदगी ,लोग है बेहाल
ये दुनिया इतनी बदसूरत क्यों है ?
विदेशी हुक्मरान ,देशी दलाल
लोगो को गुलामी की तहजीब कहा है ?
रोज़ पिता हूँ दो बूंद ,रोज़ मिलती है मधुबलायें
परन्तु इन हसीनों के चेहरे पर मुस्कान क्यों नहीं है ?
काम करते-करते थक गए है हाथ
परन्तु इन हाथों पर ठेलें क्यों नहीं है ?
चलते -चलते राह भटक जाता हैं
यह राह सीधी क्यों नहीं है ?
मैंने दिया था अमरता का विष तुम्हे
पर मेरे विष का असर क्यों नहीं है ?
तुने दिया था खुश रहने का वरदान
पर मेरे जिंदगी की खुशबू कहा है ?
लोग कहते है प्रेम सत्य है,पूजा है
पर रंजन को वनवास,गुडिया को कैद क्यों है ?

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