First love
माना मैं कह न सका ,
पर तुम भी तो नादाँ न थी ,
जान चूका था सारा जहाँ ,
शायद तुम भी अनजान न थी .
जब कभी मैं होता था उदास ,
तेरे चेहरे पर भी मुस्कान न थी ,
यह सच है तू पसंद थी मुझे ,
ये बात आँखों से छुपी न थी .
पता नहीं क्यों डरता था कहने से ,
तू लड़की थी सैतान न थी ,
चाह कर भी कह न सका ,
पर क्या तुम्हे जुबान न थी .
चलो तुम्हे भी भुला ही दूंगा ,
तुम भी इन्सान थी ,भगवान न थी.
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