मेरी हर साँस बुलाती है तुम्हे.
यह भीड़ है लोगो की,
मेरी हर बात बुलाती है तुम्हे.
यह हवा है गर्म है,
मेरी हर साँस बुलाती है तुम्हे.
यह नदी है बहती हुई ,
समंदर की चाह बुलाती है तुम्हे.
राही हूँ अकेला हूँ,
हर राह की भटकाव बुलाती है तुम्हे.
यह रात है बीतती नहीं,
हर करवट की थकान बुलाती है तुम्हे.
यह चाँद है अकेला है,
हर रात चांदनी बुलाती है तुम्हे.
यह दिल धडकता है,धड़कन की आवाज बुलाती है तुम्हे.
सुनी सुनी है आंखे ,
आँखों के जज्बात बुलाते है तुम्हे.
तब वो दिन थे प्यार था,
उन दिनों की याद बुलाती है तुम्हे.
बादल है घना है ,
धरती की प्यास बुलाती है तुम्हे.
यह ओस है गीली ,
सुखी होठो की अरमान बुलाती है तुम्हे.
सावन है सुहाना है ,
मोरो की नाच बुलाती है तुम्हे.
मै हूँ और मै हूँ,
मै तुम होने के लिए बुलाता हु तुम्हे.
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