अँधेरा अभी बाकी है.

रात बीत चुकी ,
अँधेरा अभी बाकी है.
गीध अघा चुके,
कौवों की खेप अभी बाकी है.
कौन लिखे इतिहास इसका,
कि रात बीत चुकी अँधेरा अभी बाकी है.
कभी हरियाली थी,
ओस कि बुँदे थी,
आपसी हंसी ठहाका था,
बच्चे खिलखिलाते थे,
और औरते गाती थी,
अब
जीवित लाशें है घरो में ,
भूत घूमते है कारो में,
मांस के लोथरे थिरकते है है पुबो में,
हवा है लेकिन उसमे जीवन नहीं है
क्यों कि
रात बीत गयी अँधेरा अभी बाकी है.

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